कैरोसेल 24 अक्टूबर 2026 को सुबह 9:52 बजे IST पोस्ट हुआ। शृंखला NP NOW है। तस्वीर NP का बना टाइपोग्राफ़िक ग्राफ़िक है। आरोपी की कोई तस्वीर इस्तेमाल नहीं हुई। नीचे की सामग्री आरोपों से भरी है। जहाँ यह नोट हिरासत बताता है, वहाँ वह अधिकारियों के हवाले से है। मामले कथित लिखे गए हैं।

अधिकारी कहते हैं कि एफबीआई ने हिमांशु भाऊ को अमेरिका में हिरासत में लिया। रिपोर्टें इसे लास वेगास में रखती हैं, गुरुवार शाम, अमेरिकी समय। कैप्शन कहता है कि उन्हें तब उठाया गया। यह नोट उस शाम को भारतीय मानक समय की तारीख में नहीं बदलता। सुबह 9:52 बजे IST वह समय है जब कैरोसेल पोस्ट हुआ, न कि वह समय जब अधिकारियों के अनुसार हिरासत हुई। कैप्शन और ब्रीफ का शब्द हिरासत है। यह नोट उसी शब्द पर रहता है।

वे रोहतक के रितौली गाँव से हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया और इंडिया टुडे उन रिपोर्टों में हैं जो उन्हें लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का प्रतिद्वंद्वी बताती हैं। यह रिपोर्टों का वर्णन है। एनडीटीवी और इंडियन एक्सप्रेस मामलों की सूची के लिए नामित हैं: वे करीब 18 मामलों में वांछित हैं, जिनमें कथित हत्या, हत्या का प्रयास और रंगदारी शामिल हैं। वांछित, और कथित, वे शब्द हैं जो यह नोट इस्तेमाल करता है। अदालती नतीजा यहाँ दर्ज नहीं है।

इंडियन एक्सप्रेस और एनडीटीवी रिपोर्ट करते हैं कि उनके खिलाफ अगस्त 2023 में इंटरपोल रेड नोटिस जारी हुआ था।

इंडिया टुडे और एनडीटीवी रिपोर्ट करते हैं कि उन्होंने यूट्यूबर एल्विश यादव के गुरुग्राम स्थित घर के बाहर हुई फायरिंग की ज़िम्मेदारी लेने का दावा किया। कैप्शन कहता है कि उन्होंने ज़िम्मेदारी ली। यह उनका दर्ज दावा है, कोई ऐसा निष्कर्ष नहीं जिसे यह नोट सिद्ध मानता हो।

इस पैकेज में अकेले टाइम्स ऑफ इंडिया रिपोर्ट करता है कि एक सहयोगी, नीरज फरीदपुरिया, को भी उठाया गया। उस पंक्ति के लिए यहाँ कोई और नामित माध्यम इस्तेमाल नहीं हुआ।

अधिकारी कहते हैं कि देश-निकाला या प्रत्यर्पण की कोशिशें चल रही हैं। कैप्शन एक फ़र्क रखता है, और यह नोट उसे रखता है। देश-निकाला, जैसा कैप्शन परिभाषित करता है, अमेरिका की आप्रवासन प्रक्रिया है। प्रत्यर्पण, जैसा कैप्शन परिभाषित करता है, भारत-अमेरिका संधि के तहत है, और वह अदालत तथा अमेरिकी विदेश विभाग (State Department) के ज़रिए चलता है। यह नोट कोशिशों पर रुकता है। पूरी हुई वापसी यहाँ दर्ज नहीं है, और अदालती नतीजा भी दर्ज नहीं है।

कैरोसेल पर नामित स्रोत इंडियन एक्सप्रेस, एनडीटीवी, टाइम्स ऑफ इंडिया और इंडिया टुडे हैं।

मुख्य बातें

  1. NP NOW। कैरोसेल 24 अक्टूबर 2026 को सुबह 9:52 बजे IST पोस्ट हुआ। मामलों की सूची आरोपों से भरी है। तस्वीर NP का बना टाइपोग्राफ़िक ग्राफ़िक है। आरोपी की कोई तस्वीर नहीं है।
  2. अधिकारी कहते हैं कि एफबीआई ने उन्हें अमेरिका में, लास वेगास में, गुरुवार शाम, अमेरिकी समय, हिरासत में लिया। यह समय भारतीय मानक समय में नहीं दिया गया है। यह नोट हिरासत का शब्द इस्तेमाल करता है, जैसा कैप्शन और ब्रीफ करते हैं।
  3. उन्हें करीब 18 मामलों में वांछित बताया गया है, जिनमें कथित हत्या, हत्या का प्रयास और रंगदारी शामिल हैं। एनडीटीवी और इंडियन एक्सप्रेस इस सूची के लिए नामित हैं। वांछित होना अदालती नतीजा नहीं है।
  4. अगस्त 2023 में इंटरपोल रेड नोटिस जारी हुआ था। इंडियन एक्सप्रेस और एनडीटीवी यह रिपोर्ट करते हैं।
  5. वे रोहतक के रितौली गाँव से हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया और इंडिया टुडे समेत रिपोर्टें उन्हें लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का प्रतिद्वंद्वी बताती हैं। यह रिपोर्टों का वर्णन है।
  6. उन्होंने गुरुग्राम में एल्विश यादव के घर के बाहर हुई फायरिंग की ज़िम्मेदारी लेने का दावा किया। इंडिया टुडे और एनडीटीवी इस दावे के लिए नामित हैं। यह दावा है, इस नोट का निष्कर्ष नहीं।
  7. केवल टाइम्स ऑफ इंडिया रिपोर्ट करता है कि सहयोगी नीरज फरीदपुरिया को भी उठाया गया। अधिकारी कहते हैं कि देश-निकाला या प्रत्यर्पण की कोशिशें चल रही हैं। कैप्शन में देश-निकाला अमेरिकी आप्रवासन प्रक्रिया है। प्रत्यर्पण कैप्शन में भारत-अमेरिका संधि के तहत, अदालत और स्टेट डिपार्टमेंट के ज़रिए होता है। यह नोट उन्हीं कोशिशों पर रुकता है। पूरी हुई वापसी या अदालती नतीजा यहाँ दर्ज नहीं है।

दोनों तरफ़ क्या कहा

हिरासत, जैसा अधिकारी कहते हैं

अधिकारी कहते हैं कि एफबीआई ने उन्हें लास वेगास में गुरुवार शाम, अमेरिकी समय, हिरासत में लिया। कैरोसेल का अपना पोस्ट समय, 24 अक्टूबर को सुबह 9:52 बजे IST, हिरासत का समय नहीं है।

जो आरोप है

रिपोर्टें करीब 18 मामले बताती हैं, जिनमें कथित हत्या, हत्या का प्रयास और रंगदारी शामिल हैं। अगस्त 2023 का इंटरपोल रेड नोटिस। लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से कथित प्रतिद्वंद्विता। एल्विश यादव के गुरुग्राम घर के बाहर फायरिंग का दावा, जिसके बारे में रिपोर्टें कहती हैं कि उन्होंने ज़िम्मेदारी ली।

देश-निकाला और प्रत्यर्पण

कोशिशें चल रही हैं, अधिकारी कहते हैं। कैप्शन का फ़र्क: देश-निकाला अमेरिकी आप्रवासन प्रक्रिया है, जबकि प्रत्यर्पण भारत-अमेरिका संधि के तहत अदालत और स्टेट डिपार्टमेंट के ज़रिए होता है। यहाँ बात कोशिशों तक है, पूरी हुई वापसी तक नहीं।

पुष्टि नहीं हुई

  • हत्या, हत्या के प्रयास या रंगदारी के मामलों का अदालती नतीजा। उन्हें वांछित बताया गया है। मामले कथित हैं।
  • भारत वापसी का पूरा होना। पैकेज कहता है कि कोशिशें चल रही हैं।
  • भारतीय मानक समय में हिरासत की तारीख। इस पैकेज में हिरासत का समय गुरुवार शाम, अमेरिकी समय है।
  • यह कि नीरज फरीदपुरिया को उठाया गया, सिवाय टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के। इस पैकेज में कोई और माध्यम उस पंक्ति के लिए नामित नहीं है।
  • यह कि एल्विश यादव के घर के बाहर फायरिंग सिद्ध कृत्य है। यहाँ की पंक्ति यह है कि उन्होंने ज़िम्मेदारी लेने का दावा किया।

स्रोत

  1. The Indian Express — Reports of the US detention, and of efforts that include extradition https://indianexpress.com/article/india/gangster-himanshu-bhau-held-in-us-efforts-on-to-extradite-him-10934407/ · 24 अक्टूबर 2026, सुबह 5:30 IST
  2. NDTV — Reports that he is wanted in India in several murder cases, and of the US detention https://www.ndtv.com/india-news/gangster-himanshu-bhau-wanted-in-india-for-multiple-murders-arrested-in-us-12227703 · 24 अक्टूबर 2026, सुबह 5:30 IST
  3. The Times of India — FBI detention; the associate line in this package is from this report only https://timesofindia.indiatimes.com/city/delhi/fbi-detains-gangster-himanshu-bhau-india-may-get-custody-soon/articleshow/135159538.cms · 24 अक्टूबर 2026, सुबह 5:30 IST
  4. India Today — Reports the claimed firing outside Elvish Yadav's house, and the US detention https://www.indiatoday.in/india/story/most-wanted-haryana-gangster-himanshu-bhau-involved-in-shooting-outside-elvish-yadavs-home-arrested-in-us-3023936-2026-10-24 · 24 अक्टूबर 2026, सुबह 5:30 IST