सुप्रीम कोर्ट ने आरजी कर के पूर्व प्रिंसिपल संदिप घोष को सीबीआई के उस मामले में ज़मानत दी जिसमें कथित वित्तीय अनियमितताएँ और कथित मेरिट-स्कोर में हेराफेरी है। यह आरजी कर बलात्कार और हत्या का मामला नहीं है। ज़मानत दोषमुक्ति नहीं है, और हिरासत से रिहाई की पुष्टि नहीं हुई है।
15 अक्टूबर 2026 का आदेश, जो 17 अक्टूबर को सार्वजनिक हुआ, इंटरनेट की पहुँच और उपयोग को अनुच्छेद 21 और 19(1)(a) के तहत मौलिक अधिकार बताता है, बच्चों सहित। Blanket ban को असंतुलित कहा गया।
16 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने आपराधिक अवमानना के मामले में सांसद संजय राउत और पत्रकार निखिल वागले को कारण बताओ नोटिस दिए। व्यक्तिगत पेशी से छूट दी गई। कारण बताओ नोटिस दोष का निष्कर्ष नहीं है।
15 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट का वह आदेश बरकरार रखा जिसने यस बैंक के ₹8,415 करोड़ के एटी1 बॉन्ड के राइट-डाउन को रद्द किया था। यस बैंक, आरबीआई और केंद्र की अपीलें खारिज हुईं। यह फ़ैसला मूलधन की एकमुश्त वापसी का आदेश नहीं है।
15 अक्टूबर को केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि विरोध स्थल पर रील्स बनाने वाले और स्वतंत्र पत्रकार में फ़र्क़ करना मुश्किल है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने यह भी कहा कि किसी महिला के साथ अनुचित व्यवहार नहीं होना चाहिए। महिला पत्रकारों के उत्पीड़न के दावे आरोप हैं। कोई समिति औपचारिक रूप से जारी नहीं हुई।
15 अक्टूबर को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ इंडिया ब्लॉक की याचिका पर चुनाव आयोग को नोटिस दिया। 12 अक्टूबर की मार्च वाली अलग याचिकाओं पर भी नोटिस दिया, और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश दिया। नोटिस जवाब माँगना है। यह रोक नहीं, फ़ैसला नहीं, और अवमानना का निष्कर्ष नहीं। अगली तारीख रिपोर्टों में नहीं थी।
12 अक्टूबर को न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता ने एक स्टेंट को चिह्नित किया, जिसकी रिटेलर कीमत ₹5,000 और एमआरपी ₹25,000 है। केंद्र ने अदालत को कैंसर की दवाओं पर 30% ट्रेड-मार्जिन कैप बताया। पीठ ने अन्य दवाओं और उपकरणों के बारे में पूछा। 13 अक्टूबर को सुबह 10:40 बजे IST तक एनपीपीए अधिसूचना जारी नहीं हुई थी, और केमिस्ट पर दाम नहीं बदले थे। अगली सुनवाई: 27 अक्टूबर।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने खड़गे और राहुल गांधी की उस मुलाकात से मना कर दिया जिसमें वे एसआईआर और सीईसी उठाना चाहते थे। कारण सीजेआई कार्यालय और सूत्रों के हवाले से हैं: मिलते-जुलते मुद्दे पहले से अदालत में हैं, और मुलाकात शक्तियों के बँटवारे के खिलाफ जाती। जो रास्ता बताया गया वह याचिका है। जाँच 12 अक्टूबर 2026 को सुबह 8:55 बजे IST।
ये सुनवाई की टिप्पणियाँ हैं, अंतिम फ़ैसला नहीं। पीठ ने कहा कि वह बहुत विचलित है और आयोग से कहा कि अधिनियम से दिखाए कि बिना सुनवाई हटाने की इजाज़त क्या है। बाद की सुनवाई का नतीजा नहीं लिखा गया।
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने CBSE को निर्देश दिया कि जो छात्र अभी कक्षा 6 में हैं, उन्हें कक्षा 7 जैसी छूट दी जा सकती है। अंग्रेज़ी के दर्ज समेत मुख्य चुनौती अभी लंबित है। रिपोर्टों में यह नहीं है कि नियम रद्द कर दिया गया।